Vishwakarma puja 2022, भगवान विश्वकर्मा ने ब्राह्मस्त्र, सुदर्शन चक्र, बज्र और कौन से अस्त्र और नगर को बनाया था

 आज विश्वकर्मा पूजा है। इस दिन विश्वकर्मा भगवान की पूजा की जाती है, भगवान विश्वकर्मा को देव शिल्पी भी कहा जाता है क्योंकि इन्होंने कई सारे ऐसे पत्र बनाए जिससे देवताओं की बिजाई हुई है और असुरों की हार हुई। भगवान विश्वकर्मा ने प्रसिद्ध सोने की लंका भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र इंद्र का वज्र और भगवान परशुराम का प्रसिद्ध धनुष जिसे शिव धनुष भी कहा जाता है उसे विश्वकर्मा जी ने ही बनाया था। इसके अलावा विश्वकर्मा जी ने और भी कई सारे प्रसिद्ध शहर बनाए थे जो आज भी है। आइए जानते हैं विश्वकर्मा जयंती पर भगवान विश्वकर्मा द्वारा बनाए गए प्रसिद्ध अस्त्र शास्त्र बनाये थे।

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Vishwakarma puja 2022 special भगवान विश्वकर्मा ने कौन कौन से प्रसिद्ध अस्त्र बनाये थे?

 भगवान विश्वकर्मा दुनिया के पहले अभियंता है। इन्होंने आज उपस्थित सारे वस्तुओं का निर्माण किया है। इन्हें देव शिल्पी की कहा जाता था क्योंकि इन्होंने कई सारे अद्भुत और उपयोगी चीजें बनाई थी। आइए जानते हैं इनमें से कुछ प्रसिद्ध अस्त्र के नाम से से विश्वकर्मा भगवान ने बनाया था।

ब्राह्मस्त्र

ब्राह्मस्त्र एक ऐसा अस्त्र जो कभी बीफल नहीं जाता, अगर इसे शत्रु पर छोड़ दिया जाये तो शत्रु की वीरगति निश्चित है। इस भयंकर शक्तिशाली अस्त्र का निर्माण देवशिल्पी विश्वकर्मा ने ही किया था। यह भगवान ब्रम्हा का प्रसिद्ध अस्त्र है।

सुदर्शन चक्र

 यदि आप हिंदू हैं तो सुदर्शन चक्र का नाम जरूर सुना होगा, यह चक्र भगवान विष्णु के पसंदीदा अस्त्र है जिससे भगवान श्री कृष्ण ने भी प्रयोग किया था। किस से प्रसिद्ध सुदर्शन चक्र का निर्माण देव श्री विश्वकर्मा जी ने ही किया था। भगवान कृष्ण को यह सुदर्शन चक्र भगवान परशुराम द्वारा प्रदान किया गया था।

शिव धनुष

 रामायण में आप ने शिव धनुष को जरूर देखा होगा और इसकी कहानी की सुनी होगी। या शिवसेना भगवान शिव ने परशुराम को परशुराम जी ने राजा जनक को दिया था जिसमें सीता स्वयंवर में भगवान राम ने तोड़ा था। विश्व प्रसिद्ध शिव धनुष का निर्माण विश्वकर्मा जी ने  किया था।

बज्र

 देवराज इंद्र का प्रसिद्ध बज्र, जो हड्डियों से बनाया गया था इसका निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने ही किया था। बज्र ऋषि दधीच क़े हड्डियों द्वारा बनाया गया था। जनपद रास्ते देवराज इंद्र ने असुरों का वध किया था।

हाथोड़ा, छेनी

छेनी, हाथोड़ा एक ऐसा औजार जो हर काम मे प्रयोग होता है, यह हर बढ़ई, का सबसे ज़रूरी अस्त्र है। इसका निर्माण भी विश्वकर्मा जी ने ही किया था।  

पास्

पास, यमराज का अस्त्र है। इसका प्रयोग यमराज प्राण हरण मे करते है। इसको भी देव शिल्पी विश्वकर्मा ने किया था।

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