Hindi Day 2021 हिन्दी दिवस के अनसुने रहस्य Hindi Diwas Wishes, image

हिन्दी दुनिया मे दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है इसे लगभग 120 करोड़ लोगो द्वारा बोला जाता है, भारत के अलावा यह दुनिया के कई देशो मे भी बोली और लिखी जाती है। आइये जानते है इस हिन्दी दिवस के अवसर पर हिंदी के बारे हिन्दी के बारे मे और भी बहुत कुछ।

हिन्दी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है When and why Hindi Day Celebrated?

हिन्दी दिवस 14 सितम्बर को मनाया जाता है। 14 सितम्बर 1949 को हिन्दी को भारत का अधिकारीक भाषा के रूप मे लिया गया था। इसलिए इस दिन को Hindi Day के रूप मे जानते और मनाते है।

हिन्दी भाषा का प्रचार और अनसुने रहस्य

हिंदी के प्रचार प्रसार मे दो लोगो का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा है हिंदी के इतिहास मे जिसको शायद कम लोग जानते होगे। इनमे से पहले थे 

स्वामी दयानन्द सरस्वती जिनकी मातृ भाषा गुजरती थी लेकिन इन्होने हिन्दी का प्रचार प्रसार पुरे भारत मे किया और इनके द्वारा बनाई गई संस्था आर्य समाज, आर्य समाज के लोगो ने भी हिंदी के प्रचार मे अहम भूमिका निभाई।

भारत मे एक समय ऐसा भी आया जब निज़ाम लोगो ने हिन्दी पर पावंदि लगा दि थी तब आर्य समाज के लोगो ने हिंदी का प्रचार किया।

और दूसरे थे महात्मा गाँधी, गाँधी जी ने हिन्दी का प्रचार किया, न सिर्फ प्रचार किया गाँधी जी ने हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने का प्रस्ताव भी गाँधी जी का था।यह बात शायद बहुत कम लोग जानते होंगा की गाँधी जी ले प्रस्ताव से 1918 के बाद कांग्रेस के जितने भी प्रस्ताव पारित हुये सब हिंदी मे हुए इसके पहले इंग्लिश मे होते थे। 1918 के बाद गाँधी जी ने कभी इंग्लिश मे भाषण नहीं दिया।

हिन्दी दिवस कविता पर कविता ( Hindi Diwas Poem )

हिन्दी भाषा के प्रमुख लेखक और कवि ( Famous Writer and poet of Hindi language )

क्रम संख्या लेखक और कवि रचना
1मैथिलीशरण गुप्त जयद्रथ वध, पंचवटी
2हज़रिप्रसाद द्विवेदी अशोक के फूल
3अमीर खुसरो अमीर खुसरो की पहेलिया
4अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’, वैदेही वनवास
5सोहन लाल द्विवेदी अंधेर नगरी
6हरिवंशराय बच्चनमधुशाला
7सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निरालापरिमल, गीतिका
8सुमित्रानंदन पंतपल्लव
9सुभद्रा कुमारी चौहानझाँसी की रानी
10सूरदाससूरसागर
11जयशंकर प्रसादकामायनी
12मीरा बाईराग गोविन्द
13रामधारी सिंह ‘दिनकररस्मीरथी
14अटल बिहारी वाजपेयीमेरी 21 कविताये
15कबीरबिजक
16भारतेन्दु हरिश्चन्द्रतीन प्रहर
17काका हाथरसीकाका की तरंग
18आचार्य रामचंद्र शुक्ल हिन्दी साहित्य का इतिहास
19माखनलाल चतुर्वेदीहिमतरंगनी

हिन्दी दिवस पोस्टर Hindi Day Poster

हिन्दी दिवस 2021
hindi day 2021
हिन्दी दिवस Hindi Day

हिन्दी दिवस का इतिहास और हिन्दी के राष्ट्र भाषा न होने के कारण

आज़ादी के 75 साल हो गए लेकिन अभी तक हिन्दी को राष्ट्र भाषा नहीं घोषित किया गया है हिन्दी भारत की सिर्फ राज भाषा है।

हिन्दी के राष्ट्र भाषा न होने के पीछे अंग्रेजो का भी हाथ है, अंग्रेज यह कभी नहीं चाहते थे की हिन्दी हिंदुस्तान की राष्ट्र भाषा बने। और यह संभव हुआ इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट के कारण। हिन्दी के राष्ट्र भाषा घोषित न होने के पीछे भारत के कुछ अंग्रेजो के चाटुकार नेताओं का भी हाथ है जिन्होंने अंग्रेजो के प्रति अपनी वफादारी निभाने के लिए इसका कभी समर्थन ही नहीं किया की हिन्दी को भारत की राष्ट्र भाषा बनाई जाये।

14 सितम्बर को हिन्दी को राज भाषा घोषित कर दिया जिससे काफ़ी लोग नाराज थे की राष्ट्र भाषा घोषित क्यों नहीं किया गया इन लोगो के भारी विरोध के कारण संविधान मे संसोधन कर यह निर्णय लिया गया की 15 साल बाद हिन्दी को राष्ट्र भाषा बना दिया जायेगा। लेकिन 15 साल बाद भी नहीं घोषित किया गया और अंत मे यह निर्णय आया की अंग्रेजी और हिन्दी दोनों भारत के राज्य भाषा रहेंगे।

दक्षिण भारत मे हिन्दी का विरोध क्यों होता है?

दक्षिण भारत मे हिन्दी का विरोध का राजनीती है। जब संविधान बनाते समय लोगो ने हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने के लिए नाराजगी जताई और विरोध किया तब कुछ अंग्रेजो के चाटुकार नेताओं ने दक्षिण भारत के नेताओं को हिन्दी का विरोध करने को कहा, हलाकि वो तैयार नहीं थे लेकिन बाद मे तैयार हो गए और हिन्दी को भारत की राष्ट्र भाषा बनने का विरोध करना शुरू कर दिया। तब से और अब तक यह विरोध चला आप रहा है बिना किसी ठोस वजह के।

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हिन्दी vs अंग्रेजी ( Hindi vs English )

दोनों ही भारत की राज भाषा है, और दोनों भाषाओ को भारत मे बोला जाता है। हिन्दी स्वदेशी भाषा है और अंग्रेजी विदेशी भाषा है। एक हिंदुस्तानी की पहचान हिन्दी से होती है अंग्रेजी तो ब्रिटिश, अमेरिकन, जैसी यूरोप के देशों मे भी बोली जाती है। अंग्रेजी भारत मे उत्तर भारत और दक्षिण भारत के लोगो के बिच एक कड़ी का काम करती है क्युकी दक्षिण भारत के लोगो को हिन्दी नहीं आती और उत्तर भारत के लोगो को तमिल, तेलगु,मलयालम नहीं आती है। लेकिन आज के समय मे इंग्लिश बोलना एक फैशन हो गया है और लोग हिन्दी को भूलते जा रहे है।

वर्तमान मे हिन्दी की स्तिथि

आज के समय मे हिन्दी और हिन्दी साहित्य वैसा नहीं है जैसे बिहारी और आचार्य रामचंद्र शुक्ला के समय मे थी। आज के स्कूलों मे हिन्दी एक अनिवार्य विषय तो है लेकिन छात्र इस पर उतना ध्यान नहीं देते जितना इंग्लिश पर देते है। अच्छाी बात है लोगो को इंग्लिश आनी चाहिए, पढ़नी चाहिए लेकिन साथ मे अपनी मातृ भाषा को नहीं भूलना चाहिए। एक समय था जब हिन्दी साहित्य का स्वणीम युग भी हुआ करता था, लेकिन आज अंग्रेजी का चलन ज्यादा है।

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हिन्दी दिवस शुभकामनायें ( Hindi Diwas Wishes

हिंदी दिवस पर आप लोगो को निम्न तरीको से Wishe kr सकते है?

  1. आप सभी को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनायें। हमें हिन्दी बोलने पर गर्व महसूस करना चाहिए क्यों हिंदी हमारी मातृ भाषा है।
  2. हिन्दी बोलने मे कोई शर्म नहीं होनी चाहिए, आइये सब मिल हिन्दी मे बोलते है और हिन्दी का प्रचार करते है। हिन्दी दिवस की शुभकामनायें।
  3. Hindi Diwas के अवसर पर सभी हिन्दी बोलने पर गर्व करने वाले को हिन्दी दिवस की शुभकामनायें।

निष्कर्ष

हिन्दी हर हिंदुस्तानी की मातृ भाषा है, हिंदुस्तान की पहचान हिन्दी से होनी चाहिए न की इंग्लिश से। आज के युवा जिस प्रकार पश्चिमी सभ्यता की वो जा रहे है वैसे वैसे हिन्दी को भूलते जा रहे है। हमें हिन्दी के प्रचार प्रसार करने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, स्वामी दयानन्द सरस्वती जैसे कई ऐसी विभुतिया जिन्होंने हिन्दी को सवारा उनके योगदान को भी नहीं भूलना चाहिए।

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