भारत मे बढ़ रहे है हार्ट अटैक और किडनी फेल होने वाले मरीज Heart Attack in Young 20s

भारत मे पिछले कुछ सालो से Heart Attack और किडनी फेल होने वाले मरीजो की संख्या मे बढ़ोतरी देखि गई है, यह दर पिछले दो सालो मे ज्यादा बढ़ि है। गुर्दे मे समस्या के भी मरीज पिछले 2 सालो से बढे है। एक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल लगभग 6 से 9 लाख लोगो इस गंभीर बीमारी से लड़ते है।

भारत मे नौजवानों मे भी ह्रदय घात की समस्या देखने को ज्यादा मिल रही है, एक रिपोर्ट के मुताबिक इंडिया मे होने वाले कुल ह्रदय घात मे से 30% सिर्फ युवा ह्रदय घात से मरते है। जो काफ़ी ज्यादा है और दुःखद भी।

पिछले दो सालो मे कोरोना वायरस आने के बाद किडनी की समस्या वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है जिससे यह दर और बढ़ गई है। डॉक्टर्स और रिसर्च रिपोर्ट इसके कई कारण बता रहे है लेकिन इनमे से कुछ कारण इन बीमारियों के लिए ज्यादा उत्तरदायी है।

जितने भी लोगो कोरोना वायरस से बचे है उनमे से ज्यादा से ज्यादा लोगो हार्ट अटैक, लिवर खराब और किडनी फेल होने जैसी समस्याओ से लड़ेंगे।और वायरस से ज्यादा खतरनाक यें बीमारिया है।

हार्ट अटैक
Heart attack kidney failure

किडनी फेल होने के कारण ( kidney Failure reason )

कोरोना मरीजों द्वारा लिए गए दवा के कारण

कोरोना वायरस की चपेट मे लगभग 3.5 करोड़ से ज्यादा लोगो आये थे जिनमे से 5 लाख ले करीब लोगो इस वायरस के चपेट मे आने से मृत्युहुई थी। जिन मरीजो मे कोरोना के लक्ष्य दिख जाते थे उन को तरह तरह की मेडिसिन दि जाति थी जिनमे पेरासिटामोल प्रमुख था। यह मेडिसिन इंसान के किडनी पर सबसे ज्यादा असर करता है जिससे लोगो मे गुर्दे की खराबी जैसी साइंलेंट किलर गंभीर बीमारी हो जाती है।

यह दवा UK और US जैसे देशों मे प्रतिबंधित है लेकिन इंडिया मे इसका बिज़नेस बहुत बड़ा है। भारत के लोगो मे यह दवा वैसे ही प्रसिद्ध है जैसे भूख लगने पर खाना। लेकिन लोग इसके दुसप्रभाव को नहीं जानते है, और किडनी फेल जैसी गंभीर जानलेवा बीमारी का शिकार बनते है।

कोरोना के दौरान दिया जाने वाला steroids

वैक्सीन न होने के कारण कोविड मरीजों को steroids दे कर ठीक किया गया, जिससे उस समय तो कुछ लोगो ठीक हो गए लेकिन बाद मे उन्हें कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। और इसका असर गुर्दे पर भी ज्यादा पड़ता है इसलिए पोस्ट कोविड पेसेंट मे किडनी फेल होने के सम्भावना है।

इसलिए जितने भी लोगो को करोना हुआ हुआ था उन्हें समय समय पर ब्लड प्रेशर, और अन्य टेस्ट के साथ अपनी किडनी की भी जाँच ज़रूर कराये जिससे बीमारी का पता बीमारी गंभीर होने से पहले चल जाये।

ज्यादा दर्द निवारक दवा खाना

ऐसे लाखो मरीज देखे गए है जिनकी किडनी सुख गई है, ज्यादा दर्द निवारण लेने से जिससे उनके दोनों गुर्दे खराब हो गए है। दर्द निवारक मेडिसिन आप को दर्द से तो आराम दे सकती है लेकिन उसका बड़ा खामियाजा आप को भुगतान पड़ सकता है। ऐसी कई सारी दर्द निवारक दवाये जो अन्य देशों मे बैन है भारत मे आसानी से उपलब्ध हो जाति है।

हार्ट अटैक के कारण Heart attack Reason in Hindi

आज के समय मे ह्रदय घात की समस्या युवाओ मे भी ज्यादा देखने को मिल रही है। हाल ही मे बॉलीवुड के अभिनेता सिद्दार्थ शुक्ला का हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई, ऐसे न जाने लाखो युवाओ मे यह समस्या देखने को मिल रही है।

इस बीमारी को रोकना का एक मात्र उपाय है हेल्थ खान पान रखना, एक्सरसाइज करना, और योगा और मैडिटेशन करना जिससे दिल दिमाग़ मन और मस्तिष्क सब सुचारु रूपये से काम करे इनमे कोई असंतुल उत्तपन न हो।

ज्यादा ऑयली खाना

ज्यादा तैलिय खाना न सिर्फ ह्रदय घात का कारण बनता है बल्कि शरीर मे मोटापा भी देता है जिससे कई सारी बीमारियों का खतरा बना रहता है। ज्यादा तैलिय खाना खाने से ह्रदय तक रक्त को पहुंचाने वाली नसो मे अवरुद्ध पैदा हो जाता है और रक्त ह्रदय तक नहीं पहुंच पाता है जिससे ह्रदय घात हो जाता है इसमें निवारण के लिए हार्ट bipass surgery किया जाता है

ज्यादा एक्सरसाइज –

लंदन यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादा एक्सरसाइज भी हार्ट अटैक का कारण बन जाता है।

भारत मे 100 मे से 15 लोगो होते है हार्ट अटैक के शिकार –

ऐम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत मे हार्ट अटैक 100 मे से 15 लोगो को आती है जिसमे 5 युवा वर्ग के लोगो रहते है। यह एक चौकाने वाली बात है, क्या इसका कारण खराब खान पान है या क्या है यह अभी रिसर्च हो रहा है।

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निष्कर्ष

भारत मे इन बढ़ती गंभीर बीमारियों को रोकने के लिए सरकार को चाहिए की वो बैन दवाओं को इंडिया से भी बैन करे। यें मेडिसिन न केवल गंभीर बीमारियाे का कारण है बल्कि इनसे कितनी जाने जा चुकी है। समय समय पर अपने पेशाब की भी जाँच कराते रहे ताकि गुर्दे की समस्या का आप समय रहते इलाज करा सके।

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