गाँधी जयंती 2021 विशेष, स्वछता ही सेवा Gandhi Jayanti Vs swachhata divas

2 अक्टूबर एक ऐसा ऐतिहासिक दिन एक ऐसे महा पुरुष का जन्मदिवस जिन्होंने पूरी दुनिया मे अपना लोहा मनवाने वाले, जिनसे अंग्रेजी हुकूमत भी डरती थी, जिन्हे सारा हिंदुस्तान बाबू के नाम से जनता है इस दिन मोहनदास करमचंद गाँधी का जन्म हुआ था। इस दिन को स्वछता दिवस के रूप मे भी मनाया जाता है क्युकी गाँधी जी का मनाना था की एक स्वच्छ शरीर मे ही एक स्वच्छ आत्मा निवास कर सकती है।

जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार आयी है तब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिन को स्वछता दिवस के रूप मे ज्यादा महत्व दिया है, लेकिन ऐसा नहीं है की उन्होंने गाँधी जयंती मनाना छोड़ दिया है

गाँधी जयंती क्यों मनाई जाती है? गाँधी जयंती का मतलब क्या होता है? ( Why Gandhi Jayanti celebrated )

हर साल 2 October को गाँधी जयंती के रूप मे मनाया जाता है। इस 2 अक्टूबर 1869 को मोहन दास करमचंद गाँधी जिन्हे प्यार से बापू भी बुलाया जाता है का जन्म हुआ था। 2021 गाँधी जी का 152वॉ जन्मदिन है। सभी स्कूलों,कॉलेज, दफ़्तरो मे गाँधी जी का जन्मदिवस मनाया जाता है। 2 अक्टूबर को स्वछता दिवस के रूप मे भी मनाया जाता है।

पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी
जन्म 2अक्टूबर 1869
जन्म स्थान पोरबंदर
पिता का नाम करमचंद गाँधी
माता का नाम पुतली बाई
पत्नी का नाम कस्तूरबा गाँधी
पुत्र का नाम 
gandhi jayanti 2021

जयंती का मतलब

जयंती का मतलब होता है किसी व्यक्ति का जन्मदिवस, जन्मदिन। गाँधी जयंती का मतलब हुआ गाँधी जी का जन्मदिन, जिसे 2 अक्टूबर को मनाया जाता है।

विश्व अहिंसा दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व अहिंसा दिवस 2 October को ही गाँधी जयंती के दिन मनाया जाता है। गाँधी जी अहिंसा के पुजारी थे, उनका मानना था “अहिंसा परमो धर्म:” अहिंसा ही परम् धर्म है। गाँधी जी ने इस मंत्र को न सिर्फ भारत के लोगो को पढ़या बल्कि दुनिया के लोगो को भी सिखाया।

गाँधी जी का जीवन परिचय?

गाँधी जी जिनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी है जिन्हे लोग बापू के नाम से भी जानते है, का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर मे हुआ था। इनके पिता का नाम करमचंद गाँधी था तथा माता का नाम पुतली बाई था। गाँधी जी की पत्नी का नाम कस्तूरबा गाँधी था।इनकी प्रारंभिक शिक्षा भारत मे हुई था, हायर एजुकेशन के लिए लंदन चले गए, वहाँ से उन्होंने बैरिस्टर की डिग्री ली। दक्षिण अफ्रीका मे गाँधी जी को एक बार अंग्रेजो ने ट्रैन के डिब्बे से उन्हें उतार दिया था क्युकी वो गोरे नहीं थे, जिससे उन्होंने वही पर अंग्रेजो से आन्दोलन शुरू कर दि। उसके बाद भारत आ कर अंग्रेजो के खिलाफ आज़ादी की लड़ाई शुरू कर दि। और इनके साथ जवाहर लाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मोती लाल नेहरू, गोपाल कृष्ण गोखले, लोकमान्य तिलक, लाला लाजपत राय, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, खुदी राम बोस, अस्फाकउल्लाह खान जैसे स्वतंत्रता सेनानी गांधी जी के साथ जुड़ते गए। अंग्रेजो के खिलाफ बगावत करने के जुर्म मे गाँधी जी कई बार जेल भी गए।

गाँधी जी कांग्रेस के सदस्य भी थे और नरम दल के नेता थे। गोपाल कृष्ण गोखले को यें अपना राजनीतिक गुरु मानते थे। गाँधी जी को सबसे पहले सुभाष चंद्र बोस ने राष्ट्रपिता कहा था उस समय जब सुभाष चंद्र बोस जर्मनी मे थे, वहाँ से उन्होंने रेडिओ पर अपने भाषण मे गाँधी जी को यह उपाधि दि थी।

महात्मा गाँधी ने ही स्वदेशी को बढ़वा दिया था और स्वदेशी आन्दोलन शुरू किया। और अंग्रेजो और अंग्रेजी कंपनी द्वारा बनाये गए सामानो का बहिष्कार किया। इन्होने नमक पर अंग्रेजो द्वारा लगाए गए कर को समाप्त करने के लिए नमक

2 अक्टूबर लाल बहादुर शास्त्री जयंती

इस दिन भारत के एक और महान विभूति लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्मदिवस है जो भारत के प्रधानमंत्री भी रह चुके है। शास्त्री जी भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे।

लाल बहादुर शास्त्री जीवन परिचय

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 मे मुग़लसराय मे हुआ था। इनके पिता एक शिक्षक थे, इनके पिता की मृत्यु जब हुई तब शास्त्री जी केवल डेढ़ साल के थे। इसके बाद इनकी माता अपने तीन पुत्रो को लेकर अपने मायके चली गई। वही इनका पालन पोषण हुआ। शास्त्री जी आज़ादी की लड़ाई मे कई बार जेल भी गए। लाल बहादुर शास्त्री कांग्रेस के सदस्य भी थे।

महात्मा गाँधी द्वारा किये गए आन्दोलन

गाँधी जी ने देश को अंग्रेजो से आज़ाद कराने के लिए कई सारे आन्दोलन किये, जिसके कारण कई बार जेल भी गए। आइये जानते है अंग्रेजो के खिलाफ गाँधी जी द्वारा किये गए आन्दोलन कौन कौन है?

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *