बाबा जंगली नाथ मंदिर बनकटा तिवारी

उतर प्रदेश के गोरखपुर मण्डल के देेवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र के बनकटा तिवारी गांव मे स्थित बाबा जंगली नाथ का मंदिर भक्तो के आकर्षण का केंद्र है। यहां हर वर्ष शिवरात्रि।, श्रावण मास, मानसमास के समय विशाल मेला  लगता  है। लाखो की संख्या मे भक्त आते है।

जंगली नाथ बाबा शिवलिंग

मंदिर का इतिहास

वैसे तो भारतवर्ष मे हज़ारो शिव मंदिर है लेकिन बाबा जंगली नाथ की महिमा सबसे महान है, यहां पर शिव जी के शिव लिंग की उत्पति भूमि से हुई है।

कहा जाता है आज से हज़ारो वर्ष पहले यहां घना जंगल था यहां लोग अपने गाय, भैस को चराने के लिए लाया करते  थे तभी लोगो ने शिव लिंग देखा और उसके बाद जंगल को काट कर वहाँ मंदिर का निर्माण किया गया।

जंगल मे उत्पन्न होने के कारण पूर्वजो मे इनका नाम जंगली नाथ रखा।

मंदिर के पास से छोटी गंडक नदी प्रवाहित होती है जिससे यहां की दृश्य आर भी सुन्दर हो जाता है।

बाबा जंगली नाथ मंदिर

बाबा जंगली नाथ की महिमा कोई लेकर प्रचलित कथा (सच्ची घटना पर आधारित )

वर्षो पहले एक बार मंदिर मे यज्ञ हो रहा था और एक लड़का नदी मे नहा रहा था तभी वह डूब गया तभी वह पर उपस्थित लोगो ने कैसे भी लडके को नदी से बाहर लाये, लड़का बेहोश था जैसे मर गया हो उसके जीने की उम्मीद नहीं थी तब लोगो ने लडके कोई शिव लिंग के पास रख और भोले नाथ से प्राथना की बाबा ने लोगो की प्राथना स्वीकार कर ली और लड़का उठ खड़ा हो गया।

स्वदेशी दर्शन योजना के अंतर्गत बाबा जंगली नाथ

बाबा जंगली नाथ का मंदिर स्वदेशी दर्शन योजना के अंतर्गत पंजीकृत है, जिससे मंदिर मे विकास के लिए भारत सरकार द्वारा फण्ड प्रदान किया जाता है, और देश के स्वदेशी पर्यटन स्थल मे शामिल है, जिससे मंदिर को राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त होती है

बाबा जंगली नाथ सेवा समिति

मंदिर के विकास कार्य, रखरखाव और व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए बाबा जंगली नाथ सेवा समिति का गठन किया गया। सेवा समिति ने मंदिर के विकास कार्य को बेहतर बनाया। बाबा जंगली नाथ सेवा समिति के लोग हर साल आने वाले भक्तो को कोई परेशानी न हो इसके लिए हमेसा कार्य करती है और उनकी सेवा मे तत्पर रहती रहती है और उनका स्वागत करती है।

बाबा जंगली नाथ मंदिर तक कैसे पहुँचे?

बाबा जंगली नाथ का मंदिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मण्डल के देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र के बनकटा तिवारी गांव मे स्थित है। भटनी जक्शन तक आप ट्रैन से आ सकते है उसे बाद वहां से आप ऑटो या बस से एकला आम चौराहे तक आ जायेगे, और वहां से आप पैदल मंदिर तक आ सकते है जो महज 1 किलोमीटर का रास्ता है।

बाबा जंगली नाथ का प्रवेश द्वार

भौगोलिक स्थिति

बाबा जंगली नाथ की महिमा के साथ साथ यहां का प्रकृति परिदृस्य भी बड़ा ही मन भावन है, यहां एक तरफ भव्य मंदिर दूसरी तरफ छोटी गंडक नदी है। सोर शराबे से दूर शांत जगह, हमेसा ताजी हवा मिलता है।

बाबा जंगली नाथ नाथ मंदिर का भविष्य ( पर्टयन की दृष्टि से )

यहां हर साल शिवरात्रि, श्रावण मास और मानस मास (मलमास ) के समय विशाल मेला लगता है, जिसमे दूर दूर से लोग आते है। और यह मंदिर भारत सरकार द्वारा स्वदेशी दर्शन योजना के अंतर्गत भी आता है जिससे देश के कोने कोने से भी लोग आ सकते है अगर यहां बड़े स्तर पर विकास कार्य किया जाये जिससे आस पास के लोगो को भी व्ववसाय का अवसर मिलेगा।

मंदिर के बारे मे और भी..

यहां पर भगवान शिव(जंगली नाथ बाबा ) के साथ साथ माता जंगलेस्वरी, गणेश जी, हनुमान जी विश्वकर्मा भगवान, माता दुर्गा का भी मंदिर है,  और राधा कृष्ण और काल भैरव का मंदिर निर्माणधिन है।मंदिर मे प्रति दिन सुबह और शाम के समय आरती होती है।